माता पिता दोनों का होना जरूरी है
वो जीवन बेकार जिसकी इनसे दूरी है
इन दोनों का है हम पर एहसान
बिन इनके ज़िंदगी है बियाँबान
जब तक साया है इनका हम पर
हम है दुनियाँ के दौलतमंद इंसान
रहता है हरदम दस्ते शफ़क़्क़त हम पर
बिन इनकी ममता के हम हो जाते हैं बेजान
जीतना है तो जीतो वालिदैन का दिल
दुआएँ साथ हैं कामयाब हो जाओगे
अगर तुम तनिक भी इनका दिल दुखाओगे
चाहकर भी कभी कामयाबी न पाओगे
माँ जन्नत तो बाप है जन्नत का दरवाजा
बिन दोनो के जन्नत में कोई जा नहींं पाता
बजा लाओ ताज़ीम-ए-वालिदैन रहमान बाँदवी
दुआएँ साथ हैं कामयाब हो जाओगे
अगर तुम तनिक भी इनका दिल दुखाओगे
चाहकर भी कभी कामयाबी न पाओगे
माँ जन्नत तो बाप है जन्नत का दरवाजा
बिन दोनो के जन्नत में कोई जा नहींं पाता
बजा लाओ ताज़ीम-ए-वालिदैन रहमान बाँदवी
बग़ैर इनकी दुआओं के कोई कुछ नहींं पाता
अब्दुल रहमान बाँदवी
बाँदा (उत्तर प्रदेश)
