प्रणव राज
आखिरी दहेज
"क्या लिखा है?" रोमिला देवी के आवाज में एक किस्म की हिचक थी। पत्र के शब्द पढ़ कर रामलाल का चेहरा पीला पड़ चुक…
"क्या लिखा है?" रोमिला देवी के आवाज में एक किस्म की हिचक थी। पत्र के शब्द पढ़ कर रामलाल का चेहरा पीला पड़ चुक…
एक तयशुदा संघर्ष अक्सर हमारे ही आसपास ऐसे लोग रहते हैं जिनसे हमारा कभी सामना तक नहीं होता। न हमने उन्हें देखा, न कभी …